लखनऊ, अगस्त 27 -- भाकपा (माले) लिबरेशन के राज्यव्यापी आंदोलन के तहत गुरुवार को वामापंथी कार्यकर्ताओं और युवा संगठनों ने परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला। भाकपा (माले) राज्य कमेटी सदस्य राजीव गुप्ता और कमला गौतम ने राजनीतिक विचारों और लोकतांत्रिक गतिविधियों के आधार पर नागरिकों की निगरानी और निजी जानकारी जुटाने की किसी भी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाए जाने की मांग की। आइसा लखनऊ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष शांतम निधि ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाइयों द्वारा वामपंथी आंदोलनों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं से आधार, पैन, पासपोर्ट, बैंक खाते, पारिवारिक विवरण, चल-अचल संपत्ति, सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य निजी जानकारियां मांगी जा रही हैं। यह भी पढ़ें- कार्यकर्ताओं की निजी निगरानी के विरोध...