सहरसा, दिसम्बर 14 -- कहरा, एक संवाददाता। देवना स्थित द्वापर कालीन वानेश्वर नाथ स्थान अभी भी राज्य सरकार द्वारा पर्यटन एवं पुरातत्विक स्थल के रूप में मान्यता दे विकास किए जाने से अब तक अछूता है। क्षेत्रीय श्रद्धालुओं द्वारा इसे पर्यटन एवं पुरातत्विक स्थल का मान्यता अतिशीघ्र दिए जाने की मांग अब जोर पकड़ता जा रहा है। पूर्व में यह बनगांव उत्तरी ग्राम पंचायत के अधीन था। बाद में पंचायत परिसिमन में इसे बलहा पट्टी पंचायत क्षेत्र में शामिल किया गया। बताया जाता है कि द्वापर युग में प्रहलाद के प्रपोत्र वाणासूर का इस क्षेत्र में राज्य था। ये भगवान शंकर का तपस्या कर वर प्राप्त कर इस शिवलिंग का स्थापना किया था। सिद्ध पीठ रहने के कारण यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहता है। सावन माह के प्रत्येक सोमवार को लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा अर्...
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