नई दिल्ली, मई 17 -- पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अपने पहले बजट की तैयारियों में जुटी है। लेकिन चुनावी वादों को अमलीजामा पहनाने की राह में सरकार के सामने एक बड़ी वित्तीय चुनौती खड़ी हो गई है। यदि भाजपा अपने चुनावी घोषणा-पत्र के वादों को पूरा करती है तो राज्य में सामाजिक कल्याण योजनाओं और भत्तों पर होने वाला खर्च लगभग दोगुना हो जाएगा। इन वादों में लक्ष्मी भंडार (अब अन्नपूर्णा भंडार) योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता में वृद्धि, बेरोजगारी भत्ते का विस्तार और सरकारी कर्मचारियों का बकाया महंगाई भत्ता (DA) शामिल है। वर्तमान में राज्य सरकार इन कल्याणकारी योजनाओं पर लगभग 54,000 करोड़ खर्च कर रही है। इसमें डीए का बकाया शामिल नहीं है। यदि सभी तीन प्रमुख वादे लागू किए जाते हैं, तो यह...