आगरा, दिसम्बर 15 -- चेक डिसऑनर के मामले में आरोपित गौरव प्रकाश श्रीवास्तव को राहत मिल गई है। विशेष न्यायालय एनआई ऐक्ट के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने तकनीकी कारणों से आरोपित को बरी करने के आदेश दिए। वादी कुलदीप, निवासी न्यू आगरा, का आरोप था कि आरोपित ने जनवरी 2018 में उससे 1 लाख रुपये उधार लिए थे और पांच माह में लौटाने का वायदा किया था। तय समय बीतने पर रकम मांगी गई तो आरोपित ने मई 2018 में 1 लाख रुपये का चेक दिया। चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर डिसऑनर हो गया, जिसके बाद वादी ने मुकदमा दायर किया। आरोपित की ओर से अधिवक्ता खुर्शीद अली ने तर्क दिया कि विवादित चेक पर वर्ष 2016 में ही स्टॉप पेमेंट कराया जा चुका था। ऐसे में 2018 में चेक प्रस्तुत करना विधिसंगत नहीं है। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित को बरी करने के आदेश दिए।

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