संभल, मई 25 -- नगर में भीषण गर्मी के बीच ठंडे पानी की जब की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब नगर पालिका की लापरवाही लोगों की प्यास पर भारी पड़ रही है। जिन वाटर कूलरों से गला तर होना था, वे या तो खराब पड़े हैं या गर्म पानी उगल रहे हैं। 42 डिग्री की तपती धूप में 125 में से 70 से ज्यादा कूलरों का कबाड़ बन जाना नगर पालिका की उदासीनता की बड़ी तस्वीर पेश करता है। योजना के तहत सरकारी धन से लगाए गए ये वाटर कूलर अब जनता के लिए सुविधा नहीं, बल्कि मजाक बनकर रह गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नगर के वाटर कूलर ही प्यासे हैं तो आम जनता अपनी प्यास कैसे बुझाए। भीषण गर्मी के बीच राहत देने के लिए लगाए गए वाटर कूलर खुद ही बेबस नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ठंडा पानी मिलने के बजाय कई जगहों पर गर्म पानी ही नसीब हो रहा है। कुछ कूलरों...