लातेहार, अप्रैल 4 -- लातेहार प्रतिनिधि। जिले में पेयजल एवं सिंचाई के लिए पानी की कमी एक गंभीर समस्या के रूप में लगातार उभर रही है। विशेष रूप से गर्मी के दिनों में टीले, पठारी एवं बलुआ क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो जाती है। लातेहार जिला कई बार सूखे की मार झेल चुका है, जिससे यहां के ग्रामीणों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बढ़ते प्रदूषण के कारण भी जल संकट की समस्या और विकराल होती जा रही है। हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड एवं क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसे तत्व तथा पानी में फ्लोराइड और क्लोरीन की बढ़ती मात्रा भूमिगत जल को दूषित कर रही है। इसके अलावा जिले का कुछ हिस्सा ड्राई जोन दृष्टिछाया क्षेत्र में आने के कारण वहां भूजल स्तर अत्यंत नीचे चला गया है, जिससे जल संकट और भी गंभ...
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