मधुबनी, मार्च 16 -- झंझारपुर,निज प्रतिनिधि। अंधराठाढ़ी में आयोजित भामती वाचस्पति महोत्सव के दूसरे दिन दर्शन, संस्कृति और साहित्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। समापन अवसर पर कांचीपुरम से लेकर दिल्ली तक के कई विद्वान अंधराठाढ़ी स्थित वाचस्पति धाम पहुंचे और अपने विचार रखे। दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत "मिथिला गृह उद्योग में महिला सहभागिता" विषयक सत्र से हुई। इस सत्र में डॉ. विद्यनाथ झा, डॉ. रीना सोनम, डॉ. रानी झा और रत्नेश्वर झा ने क्रमवार अपने विचार रखे। वक्ताओं ने अर्पण कला से लेकर मिथिला पेंटिंग तक के उदाहरण देते हुए बताया कि मिथिला के गृह उद्योगों में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। डॉ. रीना सोनम ने स्वतंत्रता आंदोलन के बाद चरखा उद्योग से जुड़े कार्यों और घरेलू उत्पादन से पहली बार आमदनी प्राप्त करने वाली मिथिलानी...
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