धार, मई 17 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर माना है। लेकिन इस फैसले के केंद्र में जो मूर्ति है, वह भारत में है ही नहीं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है- "आखिर यह मूर्ति कहां है?" भारत कैसे वापस आएगी? ठीक है, मान लीजिए इन सवालों के जवाब मिल जाते हैं, लेकिन एक दिलचस्प बहस अभी भी बनी हुई है- "आखिर ये मूर्ति किस देवी की है?" इस मूर्ति को कोई वाग्देवी कहता है, कोई अंबिका और तो कोई मां सरस्वती का रूप मानता है। आखिर यह मूर्ति है किसकी और भोजशाला विवाद में इसकी भूमिका इतनी अहम कैसे हो गई, समझिए पूरी कहानी।भोजशाला विवाद आखिर क्या है? कहानी शुरू करने से पहले एक नजर भोजशाला विवाद पर डालते हैं। फैसला आने से पहले तक, हिंदू पक्ष इसे सरस्वती मंदिर मानता रहा है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता रहा। एक तीसरा प...