रामनगर, फरवरी 10 -- रामनगर। पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में मंगलवार को उत्तराखंड के गर्वित हरित नायक और भारतीय वन्यजीव फोटोग्राफी के जनक एफडब्ल्यू चैम्पियन की स्मृति में विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चैम्पियन के पोते जेम्स चैम्पियन ने एक इंटरैक्टिव सत्र में एफडब्ल्यू चैम्पियन के जीवन, कार्य और उनके फोटोग्राफिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चैम्पियन भारत के प्रारंभिक वन अधिकारियों में से एक थे। 1920-30 के दशक में उन्होंने भारत में नैतिक वन्यजीव फोटोग्राफी की शुरुआत की और प्रारंभिक कैमरा-ट्रैप तकनीकों का उपयोग किया, वह भी बिना किसी प्रकार की बाधा पहुंचाए। उनकी सोच अपने समय से कहीं आगे थी। जेम्स चैम्पियन ने बताया कि चैम्पियन ने यह सिद्ध किया कि फोटोग्राफी केवल दस्तावेज़ीकरण का माध्यम नहीं, बल्कि जागर...