नई दिल्ली, जनवरी 8 -- जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी, गीतांजलि जे अंगमो ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके पति के भाषण का मकसद हिंसा फैलाना नहीं, बल्कि उसे खत्म कराना था। अंगमों ने कहा कि उनके पति को अपराधी दिखाने के लिए तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। गीतांजलि ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया कि वांगचुक को उनकी हिरासत के 'पूरे आधार' नहीं बताए गए और उन्हें हिरासत के खिलाफ संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का सही मौका नहीं दिया गया। इस मामले में सुनवाई अधूरी रही और 12 जनवरी को जारी रहेगी। गीतांजलि की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ को बताया कि वांगचुक को प्रशासन ने हानिकारक गतिविधियों में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में ...