नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- रिपोर्ट- हेमलता कौशिक दिल्ली हाई कोर्ट ने नर्सरी स्कूल के लिए तय जमीन पर बने मंदिर को नियमित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि हाउसिंग सोसायटी बनाते समय नर्सरी स्कूल के लिए जमीन आवंटित की गई थी। इस पर धार्मिक ढांचा बनाने की अनुमति नहीं है। इस बारे में फैसला सुनाते हुए उच्च न्यायालय ने एक तरफ जहां मंदिर हटाने के निर्देश दिए, वहीं याचिकाकर्ताओं से वहां से सम्मानपूर्वक मूर्तियां उठाने को कहा है। जस्टिस जसमीत कौर की पीठ कहा कि मंदिर बिना मंजूरी के और सरकारी जमीन के निपटारे से जुड़े नियमों के खिलाफ बनाया गया है। पीठ ने कहा कि मंदिर साफ तौर पर एक अवैध ढांचा है और इसे उस जमीन पर बने रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस मामले में याचिकाकर्ता पंजीकृत सोसाइटी थी। सोसायटी की तरफ...