रांची, जनवरी 22 -- सिल्ली, प्रतिनिधि। वर्ष 1940 में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता सुभाष चंद्र बोस मुरी स्टेशन पहुंचे थे। वह रामगढ़ अधिवेशन में भाग लेने के लिए मुरी से यात्रा कर रहे थे। उनके ठहराव की याद आज भी मुरी स्टेशन पर जीवित है। हाबु दत्ता की छोटी चाय की कैंटीन में उन्होंने कुछ मिनट रुकर समय बिताया। उस दौरान उन्होंने कैंटीन रजिस्टर पर अपने हस्ताक्षर किए, जो अब उनके पुत्र मानिक दत्ता के संरक्षण में सुरक्षित हैं। मुरी स्टेशन को देशभर के 1,337 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया। इस योजना के तहत स्टेशन के यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया। यात्रियों के लिए बेहतर प्रवेश-प्रस्थान क्षेत्र, वॉइटिंग हॉल, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं, मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और स्थानीय संस्कृति को प्रतिबिंबित करती वा...
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