देहरादून, जनवरी 1 -- उत्तराखंड की जेलों में वर्षों से कैद उन कैदियों को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने ऐसे कैदियों का ब्यौरा तलब किया है जिनकी वर्षों से अपील अदालत के समक्ष दाखिल नहीं हो पाई हैं और जिनके कोई पैरोकार नहीं हैं। अदालत ने एक मामले में पाया कि एक कैदी 22 वर्षों से बिना अपील के सजा काट रहा है। अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को उन कैदियों की संख्या बताने को कहा जिनकी अपीलें अभी तक हाईकोर्ट में दायर नहीं की गई हैं। इस पहल का मकसद लाचार कैदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है ताकि उनके न्याय के अधिकार की रक्षा हो सके।22 साल से जेल की काल कोठरी में था शख्स मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि जेलों में सजा काट रहे उन कैदियों का रिकॉर्ड अदालत के समक्ष प...