सोनभद्र, अगस्त 30 -- ओबरा,हिंदुस्तान संवाद। अगोरी परगना एवं सिंगरौली परगना के 433 गांवों के ग्रामीणों के भौमिक अधिकार के मुद्दे को लेकर रविवार को ऐतिहासिक अगोरी किले पर गैर-राजनीतिक बैठक एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक टोलों के मूल निवासियों ने अपनी खतौनी प्रस्तुत की। मूल निवासी अधिकार मंच के बैनर तले आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और वर्षों से चली आ रही भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद करीब 80 वर्ष बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपनी जमीन पर पूर्ण भौमिक अधिकार नहीं मिल पाया है। अनेक परिवारों की भूमि आज भी राजस्व अभिलेखों में गवर्नमेंट ग्रांट एवं वर्ग 1-ख के रूप में दर्ज है। इसके चलते किसानो...