गया, फरवरी 20 -- हालिया वर्षों में नए-नए तकनीक और भागदौड़ की वजह से सामाजिक तानाबाना काफी प्रभावित हुआ है। अच्छा करियर, अच्छी ज़िन्दगी सुनिश्चित करने के सपने के वजह से कहीं न कहीं परिवार के साथ समाज में भी आपस में दूरियां बढ़ी हैं। इन कारकों की वजह से आज की पीढ़ी भावनात्मक रूप से खुद खंडित महसूस करती है। उक्त वक्तव्य दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रो. अनुभूति दुबे ने दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के मानव विज्ञान संकाय की ओर से आयोजित स्थापना दिवस व्याख्यान के मुख्य वक्ता के रूप में कहीं। सीयूएसबी के मानव विज्ञान संकाय के अंतर्गत संचालित मनोवैज्ञानिक विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रो. दुबे ने 'जागरूकता से कार्रवाई की ओर: समकालीन समाजों में मनोविज्ञान की विस्तारित भूमिका' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्हों...
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