लखनऊ, सितम्बर 18 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली वितरण कंपनियों में लागू किए जा रहे वर्टिकल सिस्टम को निजीकरण की तैयारी करार दिया है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि पांच शहरों में वर्टिकल व्यवस्था लागू करके पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के समानांतर इन शहरों के निजीकरण की भी तैयारी है। शैलेंद्र दुबे ने कहा कि निजीकरण के लिए नियामक आयोग भेजे गए मसौदे पर लगी आपत्तियों का जवाब पावर कॉरपोरेशन ने तैयार कर लिया है। किसी भी वक्त उसे अनुमोदन के लिए नियामक आयोग भेजा जा सकता है। संघर्ष समिति ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार से अपील की है कि वे निजीकरण का मसौदा रद्द कर दें। अगर उस पर चर्चा की जाए तो संघर्ष समिति का भी पक्ष सुना जाए क्योंकि निजीकरण का असर बिजली कर्मचारियों पर पड़ेगा।...