गंगापार, फरवरी 15 -- फूलपुर के वरुणा बाजार स्थित प्राचीन वरुणेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। भोर के चार बजे से ही शिवभक्त जल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और फल-फूल लेकर मंदिर परिसर में पहुंचने लगे। पौराणिक मान्यता के अनुसार वरुणा नदी के तट पर स्थित इस पावन स्थल पर वरुण देव ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए, जिसके उपरांत यहां शिवलिंग की स्थापना की गई। तभी से यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। गंगापार के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में शुमार इस स्थल पर दूर-दराज के जिलों से भी श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। महाशिवरात्रि के दिन हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किये। मंदिर पर...