प्रयागराज, जुलाई 2 -- Allahabad Highcourt Decision: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 का उपयोग सामान्य संपत्ति विवादों के निपटारे के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल, अपीलीय ट्रिब्यूनल अथवा जिला मजिस्ट्रेट को किसी व्यक्ति को संपत्ति से बेदखल करने का अधिकार नहीं है, सिवाय उन मामलों के जहां अधिनियम की धारा 23 लागू होती हो। हमीरपुर के सतीश चंद्र गुप्ता की याचिका खारिज करते हुए पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति के स्वामित्व, वसीयत या बिक्री विलेख की वैधता को लेकर विवाद है, तो उसका निर्णय केवल सक्षम सिविल न्यायालय ही कर सकता है। ऐसे जटिल शीर्षक (टाइटल) संबंधी विव...