बिहारशरीफ, अगस्त 8 -- पौधरोपण का सच 05 : वन विभाग का पौधा 10 का, जीविका का 30 रुपये और 10 साल में सूख गए 24 लाख पेड़ सार्वजनिक स्थानों पर एक पौधा लगाने का खर्च 332 रुपये, निजी जमीन पर लागत 196 रुपये मनरेगा में 40 फीसद पौधे जिंदा रहने पर ही भुगतान का नियम, फिर भी जीवित पेड़ों का आंकड़ा नहीं गैबियन (सुरक्षा घेरे) की दरों में भी भारी अंतर, सिंचाई के अभाव में दम तोड़ रही हरियाली फोटो: बदहाली: देखभाल और सिंचाई के अभाव में सूख चुका पेड़ (प्रतीकात्मक)। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में हरियाली बढ़ाने और वन क्षेत्र का दायरा चौड़ा करने के लिए पिछले 10 सालों में 60 लाख से ज्यादा पौधे रोपे गए। लेकिन, धरातल पर जाकर पड़ताल करने पर इन सरकारी दावों की कलई खुल जाती है। देखभाल और सिंचाई के अभाव में इनमें से 40 फीसदी (करीब 24 लाख) पौधे सूख चुके हैं। हैरा...