रुद्रपुर, मई 8 -- रुद्रपुर, संवाददाता। वन विकास निगम के ठेकेदारों ने शुक्रवार को वन मंत्री से मुलाकात कर वन उपज ढुलाई वाहनों पर बढ़ाए गए मार्ग सम्मरण शुल्क के विरोध में ज्ञापन सौंपा। ठेकेदारों ने पूर्व में लागू शुल्क व्यवस्था को पुनः बहाल किए जाने की मांग उठाई। ठेकेदारों ने बताया कि वन निगम के लिए पूर्व में जारी आदेशों के तहत वन उपज ढुलाई वाहनों से Rs.130 प्रति फेरा एवं Rs.3000 मासिक शुल्क लिया जाता था, लेकिन वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी द्वारा जारी नए आदेशों में इन वाहनों का अलग से उल्लेख नहीं किया गया। इसके चलते अब वन विभाग द्वारा इन वाहनों से सामान्य व्यावसायिक वाहनों की तरह Rs.410 प्रति फेरा शुल्क वसूला जा रहा है तथा मासिक शुल्क व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।पूरन सिंह बिष्ट का कहना है कि नई व्यवस्था से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ...