देहरादून, फरवरी 26 -- देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। चंद्रबनी वन क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण रोकने गए वन दरोगा और वन आरक्षी पर हमला कर मोबाइल छीनने के मामले में पुलिस ने सात महीने बाद मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएफओ के चिट्टी लिखने के बावजूद महीनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। वन दरोगा नरेंद्र सिंह की तहरीर के अनुसार 26 जुलाई 2025 को वह वन आरक्षी नीरज कुमार के साथ गश्त पर थे। चंद्रबनी में प्रताप सिंह उर्फ छोटू की ओर से किए जा रहे अवैध निर्माण को रोकने को कहा। आरोप है कि प्रताप, अनिल मिश्रा और पांच अन्य लोगों ने उन पर दराती, हथौड़े, ईंट और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने उनका ओपो मोबाइल भी छीन लिया ताकि उच्चाधिकारियों को सूचना न दी जा सके। पीड़ित ने उसी दिन आईएसबीटी चौकी में शिकाय...