वचनों में भक्ति से बन जाता है वचनामृत : संत अजय
प्रयागराज, अगस्त 9 -- संत निरंकारी मंडल की ओर से रविवार को अंदावा स्थित निरंकारी सत्संग भवन में क्षेत्रीय अंग्रेजी माध्यम का समागम आयोजित किया गया। इस मौके पर भक्तों ने गीत, कविता व नाटक की प्रस्तुति कर तालियां बटोरीं। केंद्रीय प्रचारक निरंकारी संत अजय गुप्ता ने कहा कि फूलों की सुगंध तो उधर ही जाती है जहां उसे वायु ले जाती है। भक्ति भावपूर्ण होती है, भाव हीन नहीं। संगीत में भक्ति आने से संगीत कीर्तन और गीत भजन बन जाता है। वचनों में भक्ति आने से वह वचनामृत बन जाता है और इतिहास व लेखन में भक्ति आने से वह ग्रंथ व शास्त्र बन जाता है। क्षेत्रीय प्रभारी अशोक कुमार सचदेव ने कहा कि निरंकारी मिशन भक्ति मार्ग को सरल सहज बनाने का प्रयास कर रहा है।
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