हरिद्वार, नवम्बर 7 -- हरिद्वार, संवाददाता। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार को वंदे मातरम गीत का गायन किया गय। कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने छात्र-छात्राओं को संबोधित कर कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा गीत है जिसने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओ मैं जोश भरने का कार्य किया। बंकिम चंद्र चटर्जी ने इसे अपने अमर उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया था। आगे चलकर वंदे मातरम ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारतीय एकता की पहचान बन गया। इससे अंग्रेजों की नींद उड़ने लगी थी, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों की शक्ति और उत्साह का प्रतीक बन गया था।
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