नई दिल्ली, दिसम्बर 6 -- इसी सितंबर की बात है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने उद्बोधन की शुरुआत में अरबी के अस्लामु अलैकुम के साथ संस्कृत में ओम् स्वस्तिअस्तु बोला। संयोग से दोनों के भावार्थ समान हैं- ईश्वर आपका कल्याण करें। बताने की जरूरत नहीं है कि इंडोनेशिया वह देश है, जहां संसार के सर्वाधिक मुस्लिम रहते हैं। इस्लामी राष्ट्रों के नेता अक्सर ऐसा करते हैं, लेकिन सुबियांतो उसी परंपरा पर टिके रहे, जिसे कभी उनके पुरखों ने इस्लाम के अवतरण से पहले शुरू किया था। इंडोनेशिया में तमाम लोग आज भी मांगलिक कार्यों की शुरुआत में गणेश का स्मरण करते हैं। कभी यहां के 20 हजार रुपये के नोट पर लंबोदर की तस्वीर छपा करती थी। मैं यह उदाहरण क्यों दे रहा हूं? कभी क्रांति का प्रतीक रहे वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ प...