नई दिल्ली, मार्च 26 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि रेलवे अधिकारी सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में सार्वजनिक सुरक्षा घोषणाएं शुरू करें, जिसमें उन स्टेशनों का जिक्र हो जहां ट्रेन रुकेगी। यह ठीक वैसा ही होना चाहिए जैसा कि वंदे भारत ट्रेनों में होता है। जस्टिस जितेंद्र जैन की एकल पीठ ने मंगलवार को दिए अपने फैसले में यात्रियों को यह चेतावनी भी दी कि वे चलती ट्रेन से उतरने या चढ़ने की कोशिश में अपनी जान जोखिम में न डालें। कोर्ट ने एक व्यक्ति को 80,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे लगभग एक दशक पहले जलगांव रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करते समय चोट लग गई थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि लोकल ट्रेनों में एक डिस्प्ले बोर्ड या घोषणा होती है। लेकिन, लंबी दूरी की ट्रेनों में, प्लेटफॉर्म पर ऐसा कोई डिस्प्ले बोर्ड या घोषणा नहीं होती। ...
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