मुजफ्फरपुर, मार्च 27 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। ईरान व इजरायल-अमेरिका युद्ध के बीच प्रवासियों के गांव लौटने की खबरें भी आने लगी हैं। एलपीजी गैस और अन्य पेट्रो पदार्थों की कमी की आशंका को देखते हुए रिवर्स माइग्रेशन की बात कही जा रही है। इधर, जिले में इन कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का मुद्दा जोर पकड़ने लगा है, क्योंकि काम मांगने के बावजूद जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) पहले से मौजूद मजदूरों को काम देने में विफल साबित हुआ है। काम लेने को लेकर पिछले 85 दिनों से मनरेगा मजदूर धरना पर बैठे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता शाहिद कमाल कहते हैं कि कोविड में एक हद तक जिला प्रशासन ने मजदूरों को काम देने में सफलता पाई थी, लेकिन उस समय काम की अधिकता नहीं थी। मजदूरों का अधिक रिवर्स माग्रेशन नहीं हुआ था, लेकिन इस बार यातायात के सभी साधन खुले हुए ह...