नई दिल्ली, जनवरी 4 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। करीब 28 साल पुराने लौंग घोटाले के एक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की कमजोर जांच और सबूतों के अभाव को आधार बनाते हुए आरोपी रतिंदर पाल सिंह उर्फ रोंपी को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि इतने लंबे अंतराल के बाद अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीतू नागर की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि न्याय मिलने में देरी न्याय न मिलने के बराबर होती है। लाइसेंस हासिल करने में जालसाजी का आरोप यह मामला वर्ष 1993-94 का है। सीबीआई का आरोप था कि मामले का मुख्य आरोपी मोतीलाल चंद्रा और सह-आरोपी रतिंदर पाल सिंह ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिंगापुर से 100 मीट्रिक टन लौंग के आयात ...