लखनऊ, दिसम्बर 4 -- लोहिया संस्थान में ओपीडी मरीजों को अल्ट्रासाउंड और एमआरआई की जांच कराने में सांसें फूली जा रही हैं। ओपीडी मरीजों की एमआरआई जांच करीब एक माह की वेटिंग चल रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए भी मरीजों को तीन से पांच दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। बाद की तारीख मिलने से मरीजों को चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, ज्यादातर मरीज निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में अधिक कीमत पर जांच कराने को मजबूर हैं। लोहिया संस्थान में दो एमआरआई मशीन थीं। रेडियोथेरेपी भवन में लगी एमआरआई मशीन करीब आठ माह से खराब है। ऐसे में मरीजों को हॉस्पिटल ब्लॉक में लगी मशीन पर जांच के लिए भेजा जा रहा है। इमरजेंसी, भर्ती व ओपीडी मरीजों का काफी दबाव है। नतीजतन ओपीडी मरीजों को एक माह बाद की तारीख दी जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत, सिर, रीढ़ की हड्डी, पेट के कैं...
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