मुंगेर, जून 18 -- बरियारपुर, निज संवाददाता। जिला प्रशासन बाढ़ से बचाव की तैयारियों में जुट गया है। जून माह से लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, लेकिन बरियारपुर का लोहापुल बांध अब भी उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। हर साल बाढ़ से प्रभावित होने वाले इस बांध के स्थायी जीर्णोद्धार की दिशा में अबतक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि, बाढ़ के समय आपदा विभाग की ओर से केवल बालू भरे बोरे रखकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जो तेज बहाव में बह जाते हैं। प्रखंड कार्यालय के पीछे से रेलवे लाइन तक लोहापुल बांध करीब एक हजार मीटर लंबा है। यह भी पढ़ें- नदी की सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग इसमें पूर्वी छोर का लगभग 200 मीटर हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। पिछले वर्ष बाढ़ की तेज धारा में यह हिस्सा बह गया था, जिसके कारण गंगा ...