लोहरदगा, मई 12 -- लोहरदगा, संवाददाता।प्रधानमंत्री के राष्ट्रहित में एक वर्ष तक सोना खरीदने से परहेज करने संबंधी संदेश का असर अब तक स्थानीय सर्राफा बाजार में नजर नहीं आ रहा है। फिर भी यदि जेवर की खरीददारी ने कमी आई, तो इसका असर सराफा बाजार में नजर आने से इंकार भी नहीं किया जा सकता है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित जिले के छोटे ज्वेलर्स और सोने के कारीगर होंगे। व्यवसायियों का कहना है कि ग्राहकों के मन में असमंजस और डर का माहौल बन रहा है। जिससे बाजार में धीरे-धीरे सन्नाटा पसरने की उम्मीद है। जिले में छोटे-बड़े 55 ज्वेलरी दुकानें संचालित हैं। वहीं जिले में एक दर्जन से अधिक सोने के कारीगर और कर्मी प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं। यह भी पढ़ें- काम न मिलने से हुनरमंद हाथ खाली, पेशा बदलने की चिंता स्थानीय स्तर पर अधिकतर दुकानों में रेडीमेट ज़ेवर की ही बिक...