अमरोहा, अप्रैल 28 -- रोजगार के लिए लिया गया ऋण और उस पर मिलने वाली सब्सिडी न देना बैंक ऑफ इंडिया को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग संभल ने बैंक को अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी मानते हुए 1 लाख 75 हजार रुपये की सब्सिडी, क्षतिपूर्ति और वाद व्यय अदा करने के आदेश दिए हैं। आदेश का पालन न होने पर बैंक को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। गांव अख्तियारपुर टिल्लूपुरा निवासी रिंकू पुत्र सीताराम ने वर्ष 2020 में रोजगार के लिए बैंक ऑफ इंडिया, आर्य समाज रोड शाखा से 5 लाख रुपये ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक ने 4.75 लाख रुपये स्वीकृत किए। ऋण के साथ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से 1.75 लाख रुपये सब्सिडी का प्रावधान बताया गया। रिंकू ने ऋण लेकर कारोबार शुरू किया और नियमानुसार किस्तें जमा करता रहा, लेकिन आरोप है कि बैंक ने बार-बार अनुरोध के बा...