प्रयागराज, मई 28 -- Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि बैंक का लोन चुकता होने के बाद बैंक बंधक सम्पत्ति अपने पास नहीं रख सकता है। कोर्ट ने याची के बैंक ऑफ इंडिया में बंधक उसके मकान के बैनामा और अन्य दस्तावेजों को दो सप्ताह के अंदर सुपुर्द करने का आदेश दिया है। गाजियाबाद की सीमा जैन की याचिका पर न्यायमूर्ति अजित कुमार ने सुनवाई की। याची की ओर से उसका पक्ष अधिवक्ता रजत ऐरन एवं राज कुमार सिंह ने रखते हुए दलील दी कि याची ने वर्ष 2002 में गाजियाबाद में एक मकान खरीदकर नगर निगम में नामान्तरण करवा लिया था। 10 वर्ष तक रहने के पश्चात 2012 में बैंक ऑफ इंडिया ने नोटिस भेजकर बताया कि मकान की पूर्व मालकिन अपने बेटे के 5 लाख के लोन में गारंटर थी और मकान बंधक था। पूर्व मालकिन के बेटे द्वारा लंबे समय से लोन ...