लोनी में 1500 अवैध फैक्टरियां हवा-पानी में घोल रहीं 'जहर'; UPPCB ने की पहचान; अब तक 300 को लगा ताला
गाजियाबाद, जून 19 -- दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके की हवा में जहर घुलने का बड़ा कारण यहां चल रही अवैध फैक्टरियां हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने प्रदूषण फैलाने वाली लोनी की डेढ़ हजार फैक्टरी की पहचान की है। इनमें से 500 से अधिक फैक्टरियों से निकलने वाला गंदा पानी यमुना को प्रदूषित कर रहा है। यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने की कवायद शुरू हो गई है। लोनी में अवैध रूप से चल रही फैक्टरियों को यूपीपीसीबी ने चिह्नित किया है। इन फैक्टरियों में अधिकांश अवैध हैं। पहले चरण में बिना शोधित पानी नालियों में बहाने वाली फैक्टरियों पर कार्रवाई की जाएगी। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि इन फैक्टरियों में कपड़ा रंगाई, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और मेटल फिनिशिंग जैसे काम किए जाते हैं। यह भी पढ़ें- गाजियाबाद जिले में...
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