नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि लोगों को चुनाव में मतदान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने देश में मतदान को अनिवार्य और जानबूझकर मतदान से दूर रहने वाले नागरिकों के लिए दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि चुनावों में भागीदारी को जबरदस्ती के उपायों से लागू नहीं कर सकते। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कानून के शासन द्वारा संचालित लोकतंत्र में नागरिकों से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन लोगों को मजबूर नहीं किया जा सकता। यह भी पढ़ें- बंगाल में अफसरों के तबादले संबंधी याचिका खारिज इससे पहले, याचिक...