बागेश्वर, अप्रैल 5 -- कत्यूर महोत्सव की स्टार नाइट में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। कुमाऊंनी संगीत की स्वर कोकिला माया उपाध्याय और सुप्रसिद्ध लोक गायक राकेश खनवाल की जुगलबंदी ने पंडाल में ऐसा समां बांधा कि लोग पूरी रात थिरकते रहे। महोत्सव की यह शाम पूरी तरह लोक संस्कृति के नाम रही। जैसे ही माया उपाध्याय ने मंच संभाला, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। राकेश खनवाल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पहाड़ी लोक गीतों की प्रस्तुति दी, वहीं माया उपाध्याय के गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। खनवाल ने ओ लाली होशियार, खुदै मा तेरी रुणी छौं मैं, कभी डाना-कान्या, कभी गौं-गुठ्यार, तेरी याद मा भुल्यूं छौं मैं... जैसे गीत प्रस्तुत किए। वहीं माया उपाध्याय ने ओ घिघूती घुरौण लागी, मेरु ज्यू डरौण लागी, पहाड़ की ठंडी हवा, म्यार डाडा-कांडा याद औण ला...