प्रयागराज, जनवरी 4 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) की ओर से आयोजित चलो मन गंगा यमुना तीर के अंतर्गत शब्द-ब्रह्म संगोष्ठी हुई। केंद्र के सभागार में आयोजित संगोष्ठी के विषय लोक आस्था एवं जन विश्वास का महोत्सव पर इविवि के मीडिया अध्ययन केंद्र के कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा कि माघ मेला लोक आस्था और विश्वास की जीवंत परंपरा है। जिसकी अविरल यात्रा सदियों से संगम तट पर ठहरकर माघ उत्सव के रूप में स्वयं को अभिव्यक्त करती है। प्रो. राजेंद्र त्रिपाठी 'रसराज' ने तीर्थराज के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्रह्मा द्वारा सर्वोत्कृष्ट यज्ञ संपादित किए जाने के कारण इस स्थल का नाम प्रयाग पड़ा। स्कंद पुराण के अनुसार माघ में समस्त तीर्थों का समागम प्रयाग में होता है जो लोक आस्था का मूल कारण है। डॉ. श्लेष गौतम ने...