नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) से कहा कि वह स्थायी लोक अदालत के सदस्यों के बढ़े हुए काम और अधिकार क्षेत्र को देखते हुए उनके बेहतर वेतन की मांग पर विचार करे। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सदस्यों से कहा कि ऐसे न्यायिक निर्देश जारी करने में व्यावहारिक मुश्किलें हैं। सीजेआई कांत ने कहा कि कानूनी सेवा प्राधिकरणों को दिए गए फंड के इस्तेमाल पर कुछ पाबंदियां हैं और इसलिए, सुप्रीम कोर्ट सीधे तौर पर भुगतान बढ़ाने का निर्देश नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि हम इन पाबंदियों पर विचार किए बिना सीधे भुगतान का निर्देश नहीं दे सकते। संबंधित हाईकोर्ट से संपर्क करना बेहतर होगा, जो राज्यों से मिलने वाले अनुदान के आधार पर इस मामले की ज...