कुशीनगर, अप्रैल 13 -- फाजिलनगर, हिन्दुस्तान संवाद। फाजिलनगर क्षेत्र के जोगिया जनोबीपट्टी में आयोजित लोकरंग महोत्सव की विचार गोष्ठी में पहुंचे देश के विद्वानों ने हिन्दुस्तान अखबार से बातचीत में खुल कर बोले। विद्वानों ने सांस्कृतिक भड़ैती और बढ़ते फूहड़पन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जनसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन की वकालत की।विद्वानों ने कहा कि लोक संस्कृति पर बाज़ारवाद और फूहड़ मनोरंजन का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है। ऐसे में लोकरंग महोत्सव जैसे आयोजन न केवल लोककला और परंपराओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि समाज को उसकी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने माना कि यह आयोजन अपने उद्देश्यों की ओर अग्रसर है, लेकिन इसे और व्यापक बनाने की आवश्यकता है।विद्वानों ने यह भी कहा कि...