लखनऊ, जुलाई 16 -- आशियाना स्थित लोकबंधु राजनारायण अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के मामले में गठित जांच समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार ने जिम्मेदार डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूरे मामले में सिर्फ रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को नोटिस देकर औपचारिकता पूरी की जा रही है। जबकि दिन की ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की भूमिका की अनदेखी की गई है। परिजनों के मुताबिक वे गर्भवती महिला को दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उस समय ड्यूटी पर मौजूद वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ ने मरीज का परीक्षण नहीं किया। उनका आरोप है कि यदि गर्भवती की समय रहते जांच कर प्रसव कराया जाता तो नवजात शिशु की जान बचाई जा सकती थी। जांच समिति ने पूरे घटनाक्रम में दोपहर दो बजे के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से न तो क...