लोकतंत्र बचाने के लिए इस्तीफा अनिवार्य
नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- सुप्रिया श्रीनेत,राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस पिछले पांच दिनों से देश की राजधानी दिल्ली छावनी में तब्दील हो चुकी है। बंद रास्ते, चौतरफा बैरिकेडिंग और पुलिस की बर्बरता केंद्र की सरकार में व्याप्त डर और बौखलाहट के ठोस सुबूत हैं। मुद्दा क्या है? वोट चोरी! मांग क्या है? मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। आम जनता, राजनीतिक कार्यकर्ता और विपक्ष के तीन सौ से ज्यादा सांसद- जो देश के करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं- सड़क पर दिल्ली पुलिस की तानाशाही झेल रहे हैं। सरकार के इशारे पर विपक्ष के सांसदों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है, गिरफ्तार करके बसों में ठूंसा जा रहा है, महिला सांसदों तक से जैसा बर्ताव हो रहा है, वह हिन्दुस्तान के इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ है। मर्यादा की हर सीमा को लांघकर नेता प्रतिपक्ष, ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.