लोककलाओं,और,शिल्प,का,केंद्र,है
वाराणसी, अगस्त 18 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू स्थित भारत कला भवन में सोमवार को बिहार संग्रहालय, पटना के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने 'मिथिला चित्रकला : रंगों और रेखाओं का सफर' विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई के पूर्व कुलपति और बीएचयू में पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. सदानंद शाही ने की। अपर निदेशक ने कहा कि बिहार का मिथिला अपनी उच्च कोटि की सभ्यता-संस्कृति और लोक परंपराओं के लिए शुरू से विख्यात रहा है। बताया कि आठ व्यापारिक मार्गों के कारण वेणु शिल्प, सिक्की कला, पेपरमेशी, सुजनी और मिथिला (मधुबनी) चित्रकला जैसी लोककलाएं भी इसी क्षेत्र में पनपी और विकसित हुईं। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. सदानंद शाही ने कहा कि मिथिला चित्रकला बिहार की प्रमुख लोककलाओं मे से एक है। इसका परिरक्ष...
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