लखनऊ, जुलाई 28 -- गंभीर बीमारियों की सटीक और जल्द पहचान में आधुनिक लैब तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। एसजीपीजीआई में आयोजित वैज्ञानिक सेमिनार में विशेषज्ञों ने शोध और जांच की नई तकनीकों पर चर्चा की। मेडिकल लैब टेक्निशयन को नई तकनीकों से अपडेट रहने और शोध को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। नेशनल मेडिकल लेबोरेट्री प्रोफेशनल वीक-2026 में जनेटिक्स विभाग के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी शशांक शिंदे ने सैंगर विधि से बीटा थैलेसीमिया की पहचान, शुभांगी ने एनजीएस से एमआरडी, रिजवान ने हार्मोनल असे में क्वालिटी कंट्रोल व इरफान ने इम्यूनोडिफिशिएंसी रोगों के निदान में फ्लो साइटोमेट्री के उपयोग की जानकारी साझा की। डॉ. खलीलुर्रहमान ने लैब टेक्नोलॉजिस्ट को स्वास्थ्य सेवाओं की 'बैकबोन' बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। इस मौके पर मोहम्मद इरफान, संयुक्त सचिव अभय...