कौशाम्बी, जनवरी 28 -- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद न्यायालय कौशाम्बी के तत्वावधान में बुधवार को सैयद सरावां निमिया में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें नशा मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, शोषण के विरुद्ध अधिकार, पॉश एक्ट व बच्चो के अधिकार और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं संबंधी जानकारी दी गई। महिला अधिकार पर बात करते हुए डॉ. नरेंद्र दिवाकर ने कहा कि महिला अधिकार न केवल महिलाओं के लिए अपितु समाज में समानता लाने, उन्हें आगे बढ़ाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए भी जरूरी है। कहा कि यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 यौन उत्पीड़न की शिकार पीड़िता की शिकायतों के लिए एक संरचित शिकायत निवारण तंत्र प्रदान कर कार्यस्थल पर समानता और समावेशिता को बढ़ावा देता है। इसके अलावा अनैतिक व्यापार अधिनियम, किशोर न...