रांची, फरवरी 4 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट से प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई द्वारा उगाही की गई लेवी की रकम को शेल कंपनी शिव आदि शक्ति इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में निवेश करने से जुड़े मामले में आरोपी फुलेश्वर गोप को राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बुधवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। एनआईए की ओर से अधिवक्ता एके दास और सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि फुलेश्वर गोप कंपनी में मात्र 5 प्रतिशत शेयर के डायरेक्टर थे और लेवी का कोई पैसा कंपनी में निवेश नहीं हुआ है। आरोप है कि इस कंपनी में पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप की पत्नी हीरा देवी भी डायरेक्टर थीं और इसी माध्यम से संगठन की अवैध राशि का निवेश किया जाता था। फुलेश्वर गोप इस मामले में...