सोनभद्र, फरवरी 7 -- अनपरा,संवाददाता। सरकार द्वारा जारी चार लेबर कोड श्रमिकों की गुलामी का फरमान है। कोयला क्षेत्र का 12 वां वेतन समझौता और जेबीसीसीआई गठन पर इसका बेहद खराब असर पड़ेगा।कोल इंडिया का निजीकरण तेजी से होगा। इनका पुरजोर विरोध जरूरी है। शनिवार को एनसीएल की ब्लॉक बी,झिंगुरदाह परियोजनाओं के साथ एनसीएल मुख्यालय पर आयोजित प्रमुख श्रमिक संगठनों एटक ,इंटक,एचएमएस और सीटू के संयुक्त मोर्चा ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आगामी 12 फरवरी को इसके पुरजोर विरोध का संकल्प मौजूद तमाक कोयला श्रमिकों ने लिया। इस अवसर पर सीएमएस के महामंत्री अजय कुमार,सीटू के महामंत्री पीएसपाण्डेय, एचएमएस के महामंत्री अशोक पाण्डेय आरसीएसएस के लाल पुष्पराज सिंह ,अभय नन्दन,मौ जिन्ना,आरके साहू,संतोष सिंह आदि समेत सैकड़ो कोयला कर्मियों ने भाग लिया।

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