लखनऊ, अप्रैल 11 -- राजधानी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही हैदराबाद की नामी कंपनी की हकीकत अब खुलकर सामने आ गई है। बड़े-बड़े दावों और करोड़ों के ठेकों के बावजूद कंपनी दो साल में भी स्थायी कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं कर पाई। हालात इतने बदतर हैं कि अब पूरा सिस्टम लेबर अड्डों से उठाए गए मजदूरों के सहारे चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने शहर के अलग-अलग लेबर अड्डों से 600 से ज्यादा मजदूरों को लाकर सीधे घर-घर कूड़ा कलेक्शन और सफाई में झोंक दिया है। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें न तो शहर की जानकारी है और न ही सफाई कार्य का कोई अनुभव। नतीजा शहर में कूड़ा उठान की रफ्तार सुस्त और व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नए मजदूर न तो रूट समझ पा रहे हैं और न ही काम की तकनीक। इससे साफ-सफाई का स्तर लगातार गिरता ज...