वाराणसी, अप्रैल 4 -- वाराणसी। अनुरक्षण कार्य के 54 लाख रुपये का भुगतान नहीं किये जाने के मामले में सारनाथ डिविजन के अभियंताओं और लेखाकार की एक और बड़ी लापवाही सामने आई है। मेसर्स जेएसबी एंफ्रा के प्रोपराइटर राहुल कुमार की ओर से डिविजन को सौंपे गए 160 पेज का दस्तावेज दो दिन बाद भी कार्मिक अधिकारी कार्यालय को नहीं भेजा गया। प्रोपराइटर ने गुरुवार को ही यह उपलब्ध करा दिया था। 'हिन्दुस्तान' में खबर छपने के बाद दस्तावेज मांगे गए थे। आरोप है कि डिविजन के लेखाकार ने दस्तावेज दबा दिया है। आरोप लगाया कि कर्मिक अधिकारी मयंक चौधरी की ओर से फर्म का बीजक ईआरआरपी पर अपलोड किये जाने का आग्रह किया गया था। इसके लिए कर्मिक अधिकारी ने 12 जनवरी को पत्र जारी किया था। मुख्य अभियंता वितरण, मुख्य अभियंता प्रशासन और अधीक्षण अभियंता-द्वितीय को इससे अवगत भी कराया गया...