लखनऊ, जून 18 -- लखनऊ। जनवादी लेखक संघ के वरिष्ठ सदस्य और आजीवन सदस्य रहे लेखक शैलेंद्र श्रीवास्तव की स्मृति में गुरुवार को स्मरण सभा आयोजित की गई। साहित्यकारों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। नलिन रंजन सिंह ने कहा कि शैलेंद्र कवि, कथाकार और इतिहास चिंतक के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने लिच्छवियों के इतिहास पर महत्वपूर्ण शोध किया था। वक्ताओं ने उनके सरल जीवन, वैचारिक प्रतिबद्धता और जनपक्षधर लेखन को रेखांकित किया। अनिल श्रीवास्तव ने उन्हें प्रेरक व्यक्तित्व बताया, वहीं प्रवीण कुमार यादव ने कहा कि उनकी रचनाएं आम जनता के सवालों को स्वर देती थीं। साहित्यकारों ने कहा कि उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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