रिषिकेष, मार्च 17 -- थानो के लेखक गांव में विरासत कला उत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को प्रस्तुत नाटक स्वयंदीपा ने भावनाओं के गहरे उतार-चढ़ाव के साथ दर्शकों के हृदय को झकझोर दिया। मंगलवार की शाम अरविंद सिंह चंद्रवंशी के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक स्वयंदीपा ने दर्शकों को एक ऐसी पौराणिक प्रेम गाथा से रूबरू कराया, जिसमें प्रेम, त्याग और पुनर्जन्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। लेखिका माधुरी सुबोध की इस रचना ने मंच पर एक जीवंत कथा का रूप ले लिया। नाटक की कहानी देवयानी और कच के निष्कलुष प्रेम के इर्द-गिर्द घूमती है, जो देवताओं और असुरों के शाश्वत संघर्ष की पृष्ठभूमि में विकसित होती है। राक्षसों के गुरु शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी और देवगुरु बृहस्पति के पुत्र कच का प्रेम, युद्ध और षड्यंत्रों के बीच बार-बार परीक्षा से गुजरता है। मृतसंजीवनी विद्या...