मेरठ, अप्रैल 14 -- मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल नोएडा के सीनियर डायरेक्टर डॉ. केआर वासुदेवन कहा कि आज के दौर में शराब का सेवन कई लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है, जो धीरे-धीरे आदत और फिर निर्भरता में बदल सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर लीवर पर पड़ता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में अहम भूमिका निभाता है। लंबे समय तक अधिक शराब पीने से लिवर में फैट जमा होने लगता है, जिसे अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता है। कहा कि शुरुआती चरण में इस बीमारी के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन थकान, पेट में असहजता और वजन कम होना संकेत हो सकते हैं। यह भी पढ़ें- इन 5 बीमारियों में नुकसान करता है गन्ने का जूस, फैटी लिवर और डायबिटीज वाले जरूर पढ़ें समय पर ध्यान न देने पर यह स्थिति सिरोसिस या लिवर फेलियर में बदल सकती है। कहा कि अच्छी बात यह है कि लीवर में खुद क...
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